सरनाईक और मेहता आमने–सामने

मीरा भाईंदर. मीरा भाईंदर के 15 लाख से अधिक नागरिकों की प्यास बुझाने वाली महत्वाकांक्षी सूर्या प्रादेशिक जलापूर्ति परियोजना अब सियासी अखाड़ा बन गई है. राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता और उनकी कंपनी मे. सेवन इलेवन होटल्स प्राइवेट लिमिटेड पर परियोजना में अड़ंगा डालने का गंभीर आरोप लगाया है. वहीं, मेहता ने इन आरोपों को राजनीतिक स्टंट बताते हुए पलटवार किया है. सरनाईक ने अपने पत्र में कहा है कि वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जिस सूर्या जल परियोजना का शिलान्यास किया था, वह आज भी अधूरी है. उनका आरोप है कि कुछ लोग अपने व्यावसायिक हितों को जनहित से ऊपर रखकर करोड़ों रुपये की इस परियोजना में बाधा पैदा कर रहे हैं, जिसका खामियाजा पूरे शहर को पानी की कमी के रूप में भुगतना पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि घोड़बंदर रोड क्षेत्र में करीब 5.7 किलोमीटर लंबी मुख्य जल पाइपलाइन बिछाने का कार्य अंतिम चरण में है, लेकिन वर्सोवा स्थित आरसीसी ब्रिज का निर्माण रुके होने से पूरी परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है. सरनाईक ने पत्र के साथ 12 जून 2026 को हुई एमएमआरडीए की संयुक्त बैठक का वृतांत भी संलग्न किया है.
3 वर्षों से अटकी पड़ी परियोजना
सरनाईक के मुताबिक बैठक में होटल तक पहुंच बनाए रखने के लिए रोड ग्रेडिएंट, एक्सेस रोड और अन्य तकनीकी मांगों पर सहमति बन गई थी. इसके बावजूद सिर्फ 98 मीटर का कार्य शेष रहने से पूरी परियोजना पिछले 3 वर्षों से अटकी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह की बाधाओं के कारण पहले मीरा-भाईंदर मेट्रो परियोजना भी प्रभावित रही. सरनाईक ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि यदि संबंधित कंपनी सहयोग नहीं करती तो भूमि अधिग्रहण कानून के तहत जमीन अधिग्रहित कर आरसीसी ब्रिज का निर्माण तत्काल पूरा कराया जाए, ताकि शहर को जल्द सूर्या बांध का पानी मिल सके.
सरनाईक सिर्फ
आरोप लगाते हैं: मेहता
सरनाईक के आरोपों पर भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि आरसीसी ब्रिज का आधा निर्माण पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी जारी है. परियोजना रोकने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है. मेहता ने कहा कि प्रताप सरनाईक को बिना तथ्यों के आरोप लगाने की आदत है. उन्हें पहले अपने विभाग के अधूरे व उद्घाटन के बाद भी लंबित पड़े कार्यों का हिसाब देना चाहिए. मेहता ने दावा किया कि भाजपा और वे स्वयं सूर्या परियोजना को पूरा कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और किसी भी स्तर पर काम में बाधा नहीं डाली जा रही है.
अब सीएम फडणवीस
के पाले में फैसला
सूर्या जल परियोजना को लेकर सत्ता पक्ष के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच खुले आरोप-प्रत्यारोप ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है. एक ओर मंत्री प्रताप सरनाईक मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप और जरूरत पड़ने पर भूमि अधिग्रहण की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर विधायक नरेंद्र मेहता सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं. ऐसे में अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के फैसले पर टिकी हैं. क्योंकि यह मामला केवल राजनीतिक आरोपों का नहीं, बल्कि मीरा-भाईंदर के लाखों नागरिकों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने से जुड़ा हुआ है.