भाईंदरः मीरा भाईंदर शहर के पेणकर पाड़ा सिग्नल के पास हुए सड़क हादसे में 14 वर्षीय मासूम की हुई दर्दनाक मौत। और एक बार फिर मिक्सर वाहन के लापरवाह चालक ने छिन ली एक और जिन्दगी। मुंबई की ओर से काशीमीरा की तरफ जा रहे भारी मिक्सर वाहन के लापरवाह चालक ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी जिसके कारण बाईक पर पीछे बैठा बच्या सैरभअचानक नीचे गिर गया और सेमेंट मिक्सर ने उसे कुचल दिया। बाईक सवार पिता ने बताया कि सीमेंट मिक्सर ने पीछे से टक्कर मारी, जिससे मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़ा और बच्चा गिर गया था। हादसा किस कारण से हुआ – सीमेंट मिक्सर की टक्कर से या सड़क पर मौजूद गड्डों की वजह से यह जानने के लिए काशीमिरा पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालने के बाद पाया कि डम्पर चालक की टक्कर से ही बाईक का संतुलन बिगड़ा और बच्चा गिर गया था। वरिष्ठ पुलिस निरिक्षक राजेंद्र कांबले ने बताया कि वाहन गिरफ्तार वाहन चालक सुनील राजभर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। गड्डों के मुद्दे पर यातायात विभाग के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रफुल्ल वाघ ने बताया कि चूंकि यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधीन आती है। इसलिए हमने पहले ही एनएचआई को बीएनएस की धारा 168 के तहत नोटिस जारी कर गड्ढे भरने तथा सड़कों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया है। अगर जांच में किसी भी तरह की लापरवाही पाई जाती है तो एनएचएआई को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुर्घटना रोकने के लिए वहां एक अधिकारी और सात पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, मुंबई लेन में दो पुलिसकर्मी लगातार ड्यूटी पर रहते हैं और वार्डन भी लगाए गए हैं। प्रफुल्ल वाघ ने आगे बताया कि पुलिस समय-समय पर आम जनता से अनुरोध करती है कि ट्रैफिक नियमों का पालन करें और लेन न क्रॉस करें, जो नियमों का उल्लंघन करते हैं, उन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। उन्होंने नागरिकों से सड़क पर चौकसी बरतने तथा कम उम्र के बच्चों को दोपहिया वाहन पर सवार करते समय सावधानी बरतने की भी अपील की।
सवाल ये है – गड्डे सड़क पर हैं या सिस्टम में?
मीरा-भाईंदर में सड़कों की जिम्मेदारी सर्वजनिक निर्माण विभाग और एमएमआरडीए और हाईवे की जिम्मेदारी एनएचएआई की है। तीनों विभागों की ओर से हर साल करोड़ों के टेंडर निकलते हैं, बावजूद इसके हर बारिश में वही गड्ढे मुंह बाए भ्रष्टाचार की गवाही देते हैं। प्रमुख राजनीतिक दल हर साल आंदोलन करते हैं, फिर सब शांत। नतीजा हर साल भयानक हादसों में मासूमों की बलि चढ़ती है। इसलिए सड़कों में नहीं, सिस्टम में गड्ढे हैं।
पूर्व नगर सेवक रोहित सुवर्णा ने अपना रोष प्रकट करते हुए कहा कि सड़क पर हर बार मिक्सर डंपरों ने ही जिंदगी छिनी है, दिन में शहर के बीचों-बीच इन मिक्सर डंपरों को सरपट दौड़ने की इजाजत देने वाले सम्बंधित विभाग भी जिम्मेदार है।