
‘कृत्रिम तालाब’ को मंजूरी मिलने पर सौ. वैशाली म्हात्रे और मनपा प्रशासन का चारों ओर से अभिनंदन व स्वागत
मीरा-भायंदर: वार्ड क्रमांक २3 के अंतर्गत आने वाले राई, मोरवा और मुर्धा गांवों में पारंपरिक गौरी-गणपति विसर्जन तालाब के मुद्दे पर मनपा प्रशासन द्वारा सकारात्मक निर्णय लेने के बाद क्षेत्र में भारी हर्षोल्लास देखा जा रहा है। गांवों की सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को अक्षुण्ण रखने के लिए लगातार संघर्ष करने वाली शिवसेना उपशहर संगठक सौ. वैशाली भरत म्हात्रे के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। इस निर्णय से गदगद स्थानीय ग्रामीणों ने सौ. वैशाली म्हात्रे और मीरा भायंदर महानगरपालिका प्रशासन का दिल से आभार व्यक्त किया है।गौरतलब है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए मनपा ने पहले ही इस तालाब के बीच में एक मजबूत विभाजन दीवार (पार्टिशन वॉल) का निर्माण किया था। सौ. वैशाली म्हात्रे ने इसी तकनीकी पहलू को सामने रखकर विसर्जन वाले हिस्से को ‘कृत्रिम तालाब’ (आर्टिफिशियल लेक) घोषित करने की मांग की थी। उन्होंने महापौर, मनपा आयुक्त, स्थानीय विधायक और सभी दल के नेताओं से व्यक्तिगत रूप से मिलकर लिखित आवेदन सौंपे थे।गणेशोत्सव के ठीक पहले प्रशासन द्वारा इस जनभावना का सम्मान किए जाने से श्रद्धालुओं की बड़ी चिंता दूर हो गई है। पर्यावरण की रक्षा और लोकपरंपरा दोनों को एक साथ साधने वाले इस ऐतिहासिक कदम के लिए पूरे प्रभाग क्रमांक २3 और तीनों गांवों की जनता द्वारा सौ. वैशाली भरत म्हात्रे और मनपा प्रशासन की चौतरफा सराहना की जा रही है और जगह-जगह उनका भव्य स्वागत किया जा रहा है।