
भाईंदर : सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना डालने से बढ़ रही गंदगी, स्वास्थ्य जोखिम और पर्यावरणीय असंतुलन को देखते हुए मीरा-भाईंदर महानगरपालिका (एमबीएमसी) ने शहर के कुछ स्थानों पर ‘कबूतरों को दाना न डालें’ के नोटिस बोर्ड लगाने शुरू कर दिए हैं. नोटिस में नियमों का उल्लंघन करने पर 500 से 5,000 रुपये तक जुर्माने की चेतावनी दी गई है. पर्यावरण प्रेमी हर्षद ढगे ने मनपा के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह जीत नहीं, बल्कि सही दिशा में उठाया गया जरूरी कदम है. उन्होंने कहा, साइन बोर्ड लगाना शुरुआत है, अब सार्वजनिक स्थानों पर दाना डालने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए. ढगे के अनुसार, मनपा की लोकल बायोडायवर्सिटी स्ट्रेटजी एंड एक्शन प्लान में रॉक पिजन की बढ़ती संख्या और कबूतरखानों से होने वाली समस्याओं का उल्लेख है.
इसमें कबूतरखानों को बंद करना भी सुधारात्मक कदम के रूप में शामिल किया गया है. उन्होंने 24 जुलाई 2025 के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि कबूतरों की बीट और पंखों से जुड़े संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को गंभीरता से लेने की जरूरत है. पर्यावरण प्रेमियों ने शहर के सभी कबूतरखानों और फीडिंग हॉटस्पॉट का सर्वे व मैपिंग करने, अस्पताल, हेल्थ सेंटर और पार्कों के आसपास दाना खिलाने पर रोक लगाने तथा उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने की मांग की है.