
मुंबई : मुंबई और मीरा-भाईंदर के बीच सीधा और तेज सड़क संपर्क उपलब्ध कराने वाली दहिसर-भाईंदर लिंक रोड परियोजना के काम ने गति पकड़ ली है. इस परियोजना में 60 फाइल और 4 पियर का काम पूरा किया जा चुका है. करीब 5.13 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग के काम की रफ्तार को देखते हुए इसके दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. अतिरिक्त मनपा आयुक्त परियोजना अभिजीत बांगर ने भायंदर इंटरचेंज स्थित परियोजना स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को काम की गति, गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर आवश्यक निर्देश दिए. मुंबई महानगर में यातायात की समस्या कम करने के लिए बीएमसी ने मुंबई कोस्टल रोड उत्तर परियोजना शुरू की है. करीब 60 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में वर्सोवा से भायंदर तक शहरों को जोड़ने की योजना है. परियोजना को कुल सात पैकेज में बांटा गया है. दहिसर-भायंदर लिंक रोड इसका सातवां पैकेज है. दहिसर पश्चिम से भायंदर पश्चिम तक सीधा संपर्क देने वाले इस मार्ग में एलिवेटेड रोड, मैंग्रोव क्षेत्र में स्टिल्ट पर सड़क, खाड़ी के ऊपर एलिवेटेड संरचना, नमक के मैदान वाले क्षेत्र में एलिवेटेड मार्ग, कनेक्टर रोड, इंटरचेंज और फ्लाईओवर शामिल हैं.
अक्टूबर में लॉन्चिंग गर्डर का शुरू होगा काम
परियोजना के करीब 3.83 किलोमीटर लंबे और 45 मीटर चौड़े मुख्य एलिवेटेड रोड को मुंबई कोस्टल रोड उत्तर का अंतिम हिस्सा बनाया जा रहा है. वर्तमान में गैबियन दीवार का काम जारी है. पुल की नींव के लिए पाइल और पाइल कैप का निर्माण किया जा रहा है. अब तक 60 पाइल, 5 पाइल कैप, 4 पियर, पियर कैप और 9 सेगमेंट का काम पूरा हो चुका है. अत्याधुनिक मशीनरी और टेंपरेरी एक्सेस ब्रिज भी कार्यरत हैं. अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से लॉन्चिंग गर्डर का काम शुरू होगा.
अभिजीत बांगर ने दिए निर्देश
अतिरिक्त आयुक्त बांगर ने भूमि अधिग्रहण में तेजी, प्राथमिकता तय करने, मीरा-भायंदर मनपा सहित संबंधित प्राधिकरणों का सहयोग लेने और एसओपी के अनुसार सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने बैरिकेडिंग के साथ गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध काम पूरा करने पर जोर दिया.
मुंबई कोस्टल रोड के काम को रफ्तार
मुंबई कोस्टल रोड उत्तर परियोजना के तहत वेसावे से भायंदर के बीच चल रहे निर्माण कार्य को गति दिया जा रहा है. इसके तहत भायंदर में अत्याधुनिक कास्टिंग यार्ड तैयार किया गया है. बीएमसी के अतिरिक्त बांगर ने यार्ड का निरीक्षण कर प्रीकास्ट घटकों के निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया. बांगर ने प्रत्येक चरण में गुणवत्ता जांच, आधुनिक तकनीक और श्रमिक सुरक्षा नियमों के पालन के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि पुल निर्माण और सेगमेंट तैयार करने की गति में तालमेल जरूरी है, ताकि सेगमेंट की कमी से पुल का काम प्रभावित न हो.