शौचालय बदहाल यात्री बेहाल… रेलवे बेखबर!

Spread the love

मुंबई । मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क के सबसे व्यस्त स्टेशनों में शामिल भायंदर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। हर साल करोड़ों रुपए का राजस्व देने वाले इस स्टेशन पर स्वच्छ शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा भी बदहाल हालत में है। स्टेशन पर पैâली गंदगी, दुर्गंध और अव्यवस्था रेलवे प्रशासन के विकास और यात्री सुविधाओं के दावों की पोल खोल रही है। यात्रियों का आरोप है कि बड़े-बड़े विकास कार्यों का प्रचार तो किया जा रहा है, लेकिन रोजमर्रा की आवश्यक सुविधाओं की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

छह प्लेटफॉर्म वाले भायंदर स्टेशन से प्रतिदिन लगभग १.८० लाख यात्री सफर करते हैं, जबकि पूरे स्टेशन पर केवल दो शौचालय ही उपलब्ध हैं। इसके कारण यात्रियों, विशेषकर महिला यात्रियों, को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सामना संवाददाता द्वारा किए गए मौके के निरीक्षण में महिला शौचालय की स्थिति बेहद दयनीय मिली। दो शौचालयों के दरवाजे गायब थे, जबकि एक अन्य शौचालय में टूटा-फूटा सामान भरकर उसे अनुपयोगी बना दिया गया था। उपयोग में मौजूद शौचालय भी गंदगी और दुर्गंध से भरा मिला। नियमित सफाई, कूड़ेदान और अन्य आवश्यक सुविधाओं का अभाव साफ दिखाई दिया।

पुरुष शौचालय की हालत भी इससे अलग नहीं थी। पानी की व्यवस्था ठप मिली, वॉश बेसिन टूटा हुआ था, दरवाजे क्षतिग्रस्त थे और बाल्टी-मग जैसी सामान्य सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। तेज दुर्गंध के कारण वहां कुछ देर ठहरना भी मुश्किल था। यात्रियों का कहना है कि जब शौचालय उपयोग के लिए शुल्क वसूला जा रहा है, तब ऐसी बदहाल व्यवस्था रेलवे प्रशासन की लापरवाही का खुला प्रमाण है।

शौचालय के बाहर शुल्क वसूलने वाली महिला ने बताया कि यहां कोई स्थायी कर्मचारी तैनात नहीं है। अलग-अलग लोग कुछ घंटों के लिए बैठकर यात्रियों से दो से पांच रुपये वसूलते हैं और फिर चले जाते हैं। इससे स्पष्ट है कि शौचालयों की देखरेख के लिए कोई प्रभावी और जवाबदेह व्यवस्था मौजूद नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Call Now Button