
मीरा-भाईंदर. मीरा-भाईंदर में विकास के नाम पर 500 करोड़ रुपए का कर्ज अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है. सूर्या प्रादेशिक जलापूर्ति योजना के बाद सड़क निर्माण के 500 करोड़ के ऋण को लेकर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता फिर आमने-सामने हैं. एक तरफ सरनाईक मनपा की आर्थिक स्थिति का हवाला देकर नए कर्ज पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर मेहता सरकार से तत्काल ऋण मंजूर करने की मांग कर रहे हैं. मामला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि दोनों नेता सत्तारूढ़ खेमे से जुड़े हैं, लेकिन 500 करोड़ के सवाल पर उनकी राजनीतिक लाइन बिल्कुल अलग है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजे पत्र में सरनाईक ने कहा कि शहर में सड़क निर्माण के लिए पहले ही करीब 500 करोड़ रुपए की निविदा प्रक्रिया के तहत काम कराया गया था. बिलों का भुगतान नहीं होने के कारण कुछ काम अधूरे रहने का दावा भी उन्होंने किया है. सरनाईक का तर्क है कि मनपा पहले से भारी वित्तीय दबाव में है, ऐसे में सड़क निर्माण के बिल चुकाने के लिए नया 500 करोड़ का कर्ज लेना उचित नहीं होगा. उन्होंने एमएमआरडीए या मनपा की उपलब्ध निधि से सड़क कार्य पूरे करने का सुझाव दिया है. सरनाईक ने पूर्व में बैंक ऑफ बड़ौदा से ऋण लेने की प्रक्रिया रुकने का भी उल्लेख किया है. उनके मुताबिक, तत्कालीन प्रशासन ने कर्ज नहीं लेने का रुख अपनाया था और बाद में बैंक की ऋण प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ सकी.
मेहता के अनुसार करीब 2 साल पहले मनपा को बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी और एसबीआई समेत अन्य बैंकों से ऋण लेने की अनुमति मिली थी. बैंक ऑफ बड़ौदा से 500 करोड़ का ऋण लेने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन तत्कालीन आयुक्त संजय काटकर के कर्ज नहीं लेने के निर्णय के बाद मामला रुक गया. बाद में दोबारा प्रयास हुआ. मेहता का दावा है कि प्रस्ताव आरबीआई तक पहुंचने के बाद आपत्ति सामने आई और बैंक को ऋण नहीं देने के निर्देश दिए गए. इसके बाद इंडियन बैंक से संपर्क किया गया और उसने 500 करोड़ रुपए के ऋण को मंजूरी दी.
ऋण मंजूर नहीं हुआ तो मेहता करेंगे आंदोलन
भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने पिछले मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर दबाव बढ़ाया.
उनका दावा है कि इंडियन बैंक ने मनपा के शहरी सड़क निर्माण के पहले चरण के लिए 500 करोड़ रुपए का ऋण मंजूर कर दिया है, लेकिन राज्य सरकार की अंतिम अनुमति नहीं मिलने के कारण राशि अभी तक मनपा को नहीं मिली है.
मेहता ने सरकार को 10 अगस्त तक ऋण मंजूर करने की डेडलाइन दी है. उन्होंने चेतावनी दी है कि मंजूरी नहीं मिली तो भाजपा सोमवार सुबह 11 बजे घोड़बंदर राज्य महामार्ग स्थित फाउंटेन होटल के पास आंदोलन करेगी.
बैंक बदले, लेकिन 500 करोड़ की फाइल नहीं चली
शिंदे के विभाग पर भी मेहता का निशाना
मेहता ने दावा किया कि ऋण प्रस्ताव नगर विकास विभाग में लंबित है. विभाग का प्रभार उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास होने का हवाला देते हुए उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से प्रस्ताव रोके जाने पर सवाल उठाए. इस बहाने उन्होंने सरनाईक की भूमिका पर भी राजनीतिक निशाना साधा था.
मनपा पर पहले से आर्थिक बोझ है. नया 500 करोड़ का कर्ज नागरिकों पर अतिरिक्त भार डालेगा. सड़कें एमएमआरडीए या मनपा की निधि से पूरी हों. – प्रताप सरनाईक, परिवहन मंत्री इंडियन बैंक 500 करोड़ का ऋण 66 मंजूर कर चुका है. केवल सरकारी अनुमति बाकी है. मंजूरी में देरी से सड़क निर्माण प्रभावित हो रहा है. – नरेंद्र मेहता, विधायक