
दहिसर-गुजरात नेशनल हाईवे पर अधूरे फ्लाईओवर और धीमी गति से चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कड़ा रुख अपनाया है।
आने वाले मानसून में ट्रैफिक जाम और जलभराव जैसी गंभीर समस्याओं से नागरिकों को बचाने के लिए मंत्री ने दिल्ली दरबार होटल क्षेत्र में चल रहे फ्लाईओवर प्रोजेक्ट का मौके पर निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को 10 जून तक काम हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा दहिसर से गुजरात नेशनल हाईवे तक सड़क और फ्लाईओवर निर्माण के लिए लगभग 600 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया गया था। इस फंड के तहत कंक्रीट रोड और फ्लाईओवर का निर्माण कार्य जारी है, लेकिन स्थानीय नागरिक लगातार काम की धीमी रफ्तार और घटिया गुणवत्ता की शिकायत कर रहे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री सरनाईक ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर परियोजना में हो रही देरी और लापरवाही की जानकारी दी थी। अधिकारियों की ओर से केवल” काम
प्रगति पर है” जैसे तकनीकी जवाब मिलने के बाद सरनाईक ने स्वयं स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
मीरा-भाईंदर का दिल्ली दरबार होटल क्षेत्र इन दिनों ट्रैफिक जाम का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यह इलाका संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान से सटा होने के कारण मानसून में यहां पहाड़ियों से भारी मात्रा में पानी सीधे सड़क पर उतरता है। उचित ड्रेनेज व्यवस्था नहीं होने से हाईवे पर जलभराव हो जाता है, जिससे मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर लंबा जाम लग जाता है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री सरनाईक ने कहा कि मानसून बेहद करीब है। यदि पुल और सड़क का काम समय पर पूरा नहीं हुआ तो मीरा भाईंदर की जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। इसलिए संबंधित विभागों को युद्ध स्तर पर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाईवे निरीक्षण के साथ मंत्री ने इलाके के प्राकृतिक नालों और जलनिकासी व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने मीरा भाईंदर महानगरपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे संपर्क कर पहाड़ों से आने वाले पानी के सुचारु निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही प्रशासन को मानसून से पहले नालों की तत्काल सफाई और जलप्रवाह व्यवस्था दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए।