
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने मीरा-भाईंदर शहर में कथित तौर पर बनाए गए 3000 बोगस जन्म प्रमाणपत्रों के मामले में फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की है। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने मनपा प्रशासन और भाजपा पदाधिकारियों के साथ बैठक कर मामले की गंभीर जांच की आवश्यकता जताई।
बुधवार को सोमैया मीरा-भाईंदर महानगरपालिका पहुंचे, जहां उन्होंने मनपा आयुक्त राधाबिनोद शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि नाम सुधारने के नाम पर हजारों फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।
दूसरे धर्म के लोगों के नाम पर नए प्रमाणपत्र किए तैयार उनके अनुसार, मूल जन्म प्रमाणपत्र किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर थे, लेकिन उसी सीरियल नंबर का उपयोग कर दूसरे धर्म के लोगों के नाम पर नए प्रमाणपत्र तैयार किए गए। सोमैया ने दावा किया कि इस मामले की शिकायत पहले ही पुलिस थाने में की जा चुकी है और मनपा आयुक्त ने भी इस अनियमितता को स्वीकार किया है।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए घुसपैठियों के बने आधार कार्ड उन्होंने महापौर डिंपल मेहता, उपमहापौर ध्रुवकिशोर पाटील और भाजपा जिलाध्यक्ष दिलीप जैन से सभी संदिग्ध जन्म प्रमाणपत्रों की फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की। सोमैया ने आरोप लगाया कि मुंबई, ठाणे, भिवंडी, वसई और मीरा-भाईंदर समेत कई शहरों में बड़े पैमाने पर जन्म प्रमाणपत्र घोटाला हुआ है।
उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपात्र बांग्लादेशी घुसपैठियों ने आधार कार्ड, डोमिसाइल प्रमाणपत्र और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभलिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से हटाए जाएंगे।