9 साल बाद भी अधूरी सूर्या जलापूर्ति योजना

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अब अगस्त 2026 तक जलाशय तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य

भाईंदर: वर्षों से पानी की किल्लत झेल रहे मीरा भाईंदर वासियों के लिए राहत की खबर है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) की ओर से कार्यान्वित 403 एमएलडी क्षमता वाली सूर्या क्षेत्रीय जलापूर्ति योजना के तहत मीरा भाईंदर मनपा को चेने स्थित जलाशय में 218 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

इस पानी का शहरभर में समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए मनपा द्वारा अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत मुख्य जलवाहिनियों के विस्तार, वितरण नेटवर्क सुदृढीकरण और जलाशयों के निर्माण का कार्य प्रगति पर है।

तकनीकी कारणों से हुई देरी, हर महीने हो रही समीक्षा : परियोजना के विभिन्न कायों में कुछ तकनीकी कारणों से देरी हुई है। लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कराने और बाधाओं को दूर करने के लिए एमएमआरडीए, एमएसईटीसीएल, संबंधित ठेकेदारों तथा परियोजना प्रबंधन सलाहकारों की संयुक्त समीक्षा बैठक प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे बुधवार को आयोजित की जा रही है।

10 जल टैंक और वितरण नेटवर्क का काम भी अगस्त तक पूरा करने के निर्देश : शहर में पानी वितरण के लिए आवश्यक 10 जल टैंक (करीब 60 से 70 एमएलडी क्षमता) के निर्माण तथा संबंधित जलवाहिनियों और सहायक कार्यों का ठेका मेसर्स ईगल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड को दिया गया है। बैठक में कंपनी को निर्देश दिए गए कि अगस्त 2026 के अंत तक सभी आवश्यक जलवाहिनियां और सहायक निर्माण कार्य पूर्ण किए जाएं, अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि ठेकेदार की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो उसे गंभीरता से लेते हुए नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

2017 में हुआ था भूमिपूजन, 34 माह में पूरा करने का था दावा : गौरतलब है कि 10 जुलाई 2017 को तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीरा रोड पूर्व स्थित एस। के। स्टोन के निकट आयोजित कार्यक्रम में सूयों प्रादेशिक जलापूर्ति योजना का भूमिपूजन किया था। उस समय घोषणा की गई थी कि योजना को 34 महीनों में पूरा कर शहर को 24 घंटे पानी उपलब्ध कराया जाएगा, यौजना के तहत मीरा-भाईंदर शहर को 218 एमएलडी अतिरिक्त जलापूर्ति मिलनी है, लेकिन भूमिपूजन के लगभग 9 वर्ष बाद भी परियोजना पूरी नहीं हो सकी है।

शहर को प्रतिदिन 190 एमएलडी ही जलापूर्ति : वर्तमान में मीरा-भाईंदर शहर को स्टेम प्राधिकरण से 86 एमएलडी तथा महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडी सी) से 125 एमएलडी जलापूर्ति की मंजूरी प्राप्त है। इस प्रकार कुल 211 एमएलडी पानी स्वीकृत है, लेकिन वास्तव में शहर को प्रतिदिन औसतन 185 से 190 एमएलडी जलापूर्ति ही हो पा रही है।

इसी कारण कई क्षेत्रों में अघोषित जलकटौती और पानी की कमी की समस्या लगातार बनी हुई है। मनपा ने आगामी 20 वर्षों की अनुमानित जनसंख्या और जल आवश्यकता का आकलन किया है। इसके अनुसार शहर में पानी की मांग तेजी से बढ़ने वाली है ।

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