SIR में 4.64 लाख मतदाता लापता !

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मीरा- भाईंदर व ओवाला-माजीवड़ा में करीब 43% मतदाता जांच में नहीं मिले 31 अगस्त को मसौदा सूची, 4 नवंबर को अंतिम सूची

भाईंदर : विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में मीरा- ए और ओवाला-माजीवड़ा विधानसभा क्षेत्रों से कुल 4 लाख 64 हजार 172 मतदाता जांच के दौरान नहीं मिले हैं. दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 10 लाख 82 हजार 922 मतदाताओं में से करीब 43 प्रतिशत मतदाताओं के सत्यापन में सामने नहीं आने से मतदाता सूची की शुद्धता पर सवाल उठने लगे हैं. 145 मीरा भाईंदर विधानसभा क्षेत्र में कुल 5 लाख 14 हजार 950 मतदाताओं में से 2 लाख 13 हजार 187 (41.40 प्रतिशत) मतदाता और 146 ओवाला-माजीवड़ा विधानसभा क्षेत्र में 5 लाख 67 हजार 972 मतदाताओं में से 2 लाख 50 हजार 985 (करीब 44 प्रतिशत) मतदाता सत्यापन के दौरान अनुपस्थित पाए गए. मृतक, दोहरे और दूसरे राज्यों के मतदाताओं के नाम भी सामने आए एसआईआर के दौरान कई मतदाताओं के नाम एक से अधिक बार दर्ज होने, कुछ मतदाताओं की मृत्यु हो जाने तथा कुछ के अन्य राज्यों में रहने की जानकारी सामने आई. इसके अलावा अनिवासी मतदाताओं के नाम भी उनके पुराने पते पर दर्ज पाए गए. ऐसे सभी मामलों में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने पंचनामा तैयार किया है.

सरकारी कर्मचारी महीनों तक एसआईआर ड्यूटी में रहे

145 और 146 विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के एसआईआर के लिए मनपा सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों के शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारियों को पूर्णकालिक रूप से नियुक्त किया गया था. कर्मचारियों के मूल कार्यालयों से हटकर एसआईआर कार्य में लगाए जाने से संबंधित विभागों का नियमित कामकाज भी प्रभावित हुआ. हालांकि, राज्य चुनाव आयोग, मुख्य जिला निर्वाचन अधिकारी और जिलाधिकारी के निर्देशों के तहत अधिकारियों-कर्मचारियों ने एसआईआर प्रक्रिया पूरी की.

सत्यापन पर सवाल, आगामी चुनावों में कम हो सकता है जीत का अंतर

मीरा- भाईंदर मनपा क्षेत्र में 145 मीरा भाईंदर पूर्व और 146 ओवाला-माजीवड़ा विधानसभा क्षेत्र का आधा हिस्सा शामिल हैं.

अब एसआईआर के बाद सामने आए इन आंकड़ों ने मतदाता सूची के सत्यापन और पूर्व में हुए पंजीकरण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के सत्यापन में नहीं मिलने से आगामी चुनावों में मतदाता संख्या और चुनावी समीकरण प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है.

यदि अंतिम मतदाता सूची में भी बड़ी संख्या में नाम बाहर रहते हैं, तो कई विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवारों के जीत के अंतर पर सीधा असर पड़ सकता है.

31 अगस्त को मसौदा सूची,

30 सितंबर तक आपत्ति

चुनाव आयोग की प्रक्रिया के अनुसार 31 अगस्त को मसौदा मतदाता सूची जारी की जाएगी. सूची से बाहर किए गए मतदाता 31 अगस्त से 30 सितंबर तक आपत्ति दर्ज करा सकेंगे.

प्राप्त आपत्तियों पर 31 अगस्त से 29 अक्टूबर के बीच सुनवाई कर उनका निपटारा किया जाएगा.

इसके बाद 4 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.

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