आदिवासी जमीन सौदे पर बड़ा खुलासा ‘सेवन इलेवन’ से वापस लेंगे जमीन

Spread the love

सन संवाददाता

विस में राजस्व मंत्री बावनकुले का ऐलान

मीरा-भायंदर   संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान से सटे वर्सोवा गांव में आदिवासी जमीन की कथित अवैध खरीद का मामला गुरुवार को विधानसभा में गूंजा. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सदन को बताया कि वर्ष 2017 में सेवन इलेवन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा खरीदी गई आदिवासी जमीन की जांच में अनियमितता सामने आई है, इसलिए यह जमीन वापस आदिवासी परिवारों को लौटाई जाएगी. विधानसभा में कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार और नाना पटोले ने इस मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता की कंपनी ‘सेवन इलेवन प्राइवेट लिमिटेड’ ने आदिवासियों की जमीन नियमों के विपरीत खरीदी थी.

भाजपा MLA मेहता पर लगाया था आरोप

इस पर जवाब देते हुए मंत्री बावनकुले ने कहा कि सरकार आदिवासी हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई कर रही है. बता दें कि चेना-वरसावे के करीबन 13 आदिवासी परिवारों ने जमीन हड़पने का आरोप भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता पर लगाया था और राजस्व मंत्री से शिकायत की थी, जिसकी जांच का आदेश उन्होंने दिया था. जिलाधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट राजस्व मंत्री को सौंप दी थी. रिपोर्ट में जमीन की खरीद में अनियमितता जैसे अधूरा भुगतान, जोर-जबरदस्ती करने की टिप्पणी की गई थी. हालांकि विधायक मेहता ने तब दावा किया था कि राज्य सरकार से अनुमति के बाद आदिवासी परिवारों ने उनकी कंपनी को जमीन बेची थी. मामला 10-12 साल पुराना है. वहीं एक अन्य जमीन मामले में मंत्री बावनकुले ने बताया कि मीरा-भाईंदर क्षेत्र की बड़ी मात्रा में जमीन ब्रिटिश काल में पट्टे पर दी गई थी, जिसमें मीरा भाईंदर की 318 एकड़ भूमि पर मीरा सॉल्ट कंपनी ने मालिकाना दावा किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 15,000 करोड़ रुपये है. यह जमीन भी पट्टे पर दी गई थी. हालांकि हाई कोर्ट ने कंपनी के पक्ष में फैसला दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने हाल ही में इस भूमि को द्वितीय श्रेणी में वर्गीकृत कर दिया है. राजस्व मंत्री ने कहा कि राज्यभर में मंदिरों की करीब 1.63 लाख हेक्टेयर भूमि पर भी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हुआ है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Call Now Button