
सन संवाददाता
मीरा-भाईंदर में काशीमीरा में मुंशी कंपाउंड में कृष्णा अथल भोलापन वाला, ए आर पैराडाइज़ होटल के बगल में पान की दुकान है , भयंदर पूर्व भाजी मार्केट में, इन सभी पान की दुकानों में गुटखा (Gutkha) खुलेआम बेचा जा रहा है भयंदर पूर्व भाजी मार्केट -काशीमीरा तक प्रतिबंधित गुटखे का कारोबार खुलेआम चल रहा है जबकि महाराष्ट्र सरकार अब राज्य में प्रतिबंधित गुटखा और सुगंधित तंबाकू की अवैध बिक्री, भंडारण और परिवहन करने वाले माफियाओं के खिलाफ मकोका (MCOCA – Maharashtra Control of Organised Crime Act) के तहत कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। भयंदर पूर्व भाजी मार्केट ,काशीमीरा मुंशी कंपाउंड में कृष्णा अथल , ए आर पैराडाइज़ होटल के बगल में पान की दुकानों, छोटे ठेलों और गुप्त ठिकानों पर गुटखा आसानी से मिल रहा है, मानो इस पर कोई प्रतिबंध ही न हो।
गुप्त सूत्रों के अनुसार से पता पता चला है की नवधर पुलिस और काशिमीरा पुलिस इन गुटखा कारोबारीयों से 3000-3500/ हर महिने हफ्ता लेते है। इन्हीं की संरक्षण में गुटखा (Gutkha) कारोबारी बिना डर- भय के गुटखा (Gutkha) बेच रहे है। महाराष्ट्र सरकार ने गुटखा और सुगंधित तंबाकू की बिक्री पर 2012 में प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद राज्य और शहर में खुलेआम इसकी बिक्री होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतना बड़ा गुटखा नेटवर्क आखिर किसकी नजरों से बचकर चल रहा है? गुटखा शहर में आ कहाँ से रहा है? कौन लोग इसकी सप्लाई कर रहे हैं? किन दुकानों और गोदामों से इसका वितरण हो रहा है? इन सवालों का जवाब न तो पुलिस के पास दिखाई देता है और न ही उस विभाग के पास जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर इस पर कार्रवाई करना है।
गुटखा और तंबाकू उत्पादों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की होती है। लेकिन मीरा-भाईंदर क्षेत्र में यह विभाग जैसे गायब सा हो गया है। न तो छापेमारी की खबरें सामने आती हैं और न ही बड़े स्तर पर कोई कार्रवाई दिखाई देती है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या प्रशासन इस काले कारोबार से अनजान है, या फिर जानबूझकर आंखें मूंदे हुए है? लेकिन शहर में जिस तरह से प्रतिबंधित गुटखे का कारोबार फैल रहा है, उससे पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस चाहे तो कुछ ही दिनों में इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है, क्योंकि गुटखा बेचने वाली दुकानों और सप्लाई करने वाले लोगों की जानकारी आम लोगों को भी है ।
गुटखा सिर्फ एक अवैध कारोबार नहीं, बल्कि समाज के लिए एक धीमा जहर है। युवाओं और मजदूर वर्ग में इसकी लत तेजी से बढ़ रही है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। बावजूद इसके, इसका बाजार लगातार फैलता जा रहा है।
मीरा-भाईंदर के नागरिक अब यह जानना चाहते हैं कि क्या पुलिस और FDA विभाग इस काले कारोबार पर सख्त कार्रवाई करेंगे? क्या गुटखा माफिया के नेटवर्क का पर्दाफाश होगा? या फिर यह जहरीला कारोबार इसी तरह खुलेआम चलता रहेगा और जिम्मेदार विभाग सिर्फ मूकदर्शक बने रहेंगे।