भगत सिंह के पुतले की अवमानना पर संघर्ष समिति ने उठायी आपत्ति ।

सुभाष पांडेय
स्पेशल क्राइम रिपोर्टर
भाईंदर। ‘ मूलभूत अधिकार संघर्ष समिति’ महाराष्ट्र राज्य के मीरा-भाईंदर शहर प्रमुख घनश्याम आंबोकर, राज्य कारिणी पदाधिकारी राजन नेरुलकर, उर्दू दैनिक ‘इंक़लाब’ के वरिष्ठ पत्रकार साज़िद शेख ने मीरा-भाईंदर महानगर पालिका की महापौर डिंपल मेहता को लिखित में प्रतिवेदन देकर शहर अभियंता दीपक खाम्बित द्वारा भगत सिंह के संदर्भ में अपमानजनक प्रेस-नोट निकालकर विरोध जताया तथा पुनः ‘शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह’ का ससम्मान पुतला लगाने की मांग की है।

शहर के क्रांतिकारी नेता एवं वरिष्ठ-पत्रकार घनश्याम आंबोकर ने ‘शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह ‘के पुतले को अवैध कहने की बात को ‘शहीद की अवमानना’ मानते हुवे जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी द्वारा भगत सिंह के स्मारक पर अभद्र टिप्पणी पर घोर शब्दों में निंदा की है और कहा “शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह देश के लिए हंसते-हंसते वंदे मातरम का नारा लगाते हुवे फांसी के बलिवेदी पर झूल गये। ऐसे महान क्रांतिकारी, वीर शहीद का अपमान करना बहुत शर्मनाक, घृणास्पद वाक़या है। “इस मौके पर शहर के वरिष्ठ पत्रकार एवं शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह के पुतले को ससम्मान पुनः स्थापित किया जाये इस संदर्भमें पुनः नये शिरे से अलख जगानेवाले कवि, लेखक, पत्रकार सुभाष पांडेय ने बहुत ही अच्छे ढंग से मामले को उठाया है। उन्होंने भी राज्य सरकार के संबंधित कार्यालय, मंत्रियों, स्थानीय विधायकों, मीरा-भाईंदर की महापौर, उप-महापौर, स्थायी समिति के सभापति अन्य जनप्रतिनिधियों को लिखित में पत्र दिया है। महापौर डिम्पल मेहता ने आश्वासन दिया है कि, इस मामले की गंभीरता से लिया जायेगा तथा मामले को’ महासभा ‘ में उठाया जायेगा। महापौर ने’ वीर शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह का स्मारक’ नियमानुसार, सरकारी जीआर के अनुसार पुनः भाईंदर स्थापित करने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर ‘आपका शहर ‘के संपादक, सांस्कृतिक, सामाजिक संस्था ‘पंख’ के अध्यक्ष ओ.पी.सिंह, युवा पत्रकार दीपा सिंह, ‘प्रशिद्ध लेखन ‘ के संपादक शेषमणि यादव आदि गणमान्य व्यक्ति, पत्रकार, समाजसेवक उपस्थित थे।