200 से अधिक मामलों के स्पेशल ऑडिट की मांग
मीरा भाईंदर, (सं.) पर्यावरण अपराधों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर शुक्रवार को पर्यावरणविदों, छात्रों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने मीरा-भाईंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक को ज्ञापन सौंपकर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत दर्ज मामलों की जांच में कथित अनियमितताओं की शिकायत की. ज्ञापन में भाईंदर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर और नवघर पुलिस स्टेशन के एफआईआर की जांच पर सवाल उठाते हुए मुख्य आरोपियों को बचाने, त्रुटिपूर्ण चार्जशीट दाखिल करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया.
अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप
साथ ही बिना पर्यावरणीय अनुमति कार्यों को मंजूरी देने वाले संबंधित अधिकारियों की भी जांच की मांग की गई. प्रतिनिधिमंडल ने वर्ष 2005 से 2026 के बीच पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज 200 से अधिक मामलों का स्वतंत्र स्पेशल ऑडिट कराने, जांच की गुणवत्ता और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की. उनका कहना था कि अधिकांश मामलों में दोषियों को सजा नहीं मिलने से पर्यावरण अपराधियों में कानून का भय खत्म हो रहा है.